महोत्तरी २० मंसिर । “बौवा, बुझायत छल, जे आब बुढारी नर्क भगेल, मुदा, आँइखक रोशनी हमरा नव जिनगी देलक” (लाग्दथ्यो, बुढ्यौली उमेर नर्क (अति...